डेली कर्रेंट अफेयर्स
21-22 सितम्बर 2025
सउदी अरब और पाकिस्तान के बीच पारस्परिक रक्षा समझौता
सउदी अरब और पाकिस्तान ने 17 सितंबर 2025 को एक पारस्परिक रक्षा समझौता किया है. इस समझौते के अनुसार दोनों देशों ने किसी एक देश के ख़िलाफ़ आक्रमण की स्थिति में दोनों के ख़िलाफ़ आक्रमण माना जाने की बात कही गई है. हालांकि समझौते में किसी भी देश का नाम नहीं लिया गया है.
इज़राइली हमले के परिप्रेक्ष्य में
- यह समझौता हाल ही में फ़िलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास पर दोहा में हुए इज़राइली हमले के बाद हुआ है.
- इज़राइली हमले ने अरब देशों में खतरे की घंटी बजा दी है, क्योंकि ईरान, लेबनान, सीरिया, यमन और अब क़तर में इज़राइली अभियान बढ़ रहे हैं.
- खाड़ी देश इस बात से अवगत हैं कि इज़राइल मध्य पूर्व में एकमात्र परमाणु-सशस्त्र देश है. इसलिए, सऊदी-पाकिस्तान का यह समझौता एकजुटता का संदेश है.
- यह नवीनतम समझौता इस्लामी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है.
सऊदी अरब पाकिस्तान सैन्य संबंध
- सऊदी अरब वर्षों से पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम में अपनी रुचि का संकेत देता रहा है. यह व्यापक रूप से माना जाता है कि सऊदी अरब ने चुपचाप पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम वित्तपोषित किया है.
- 1967 से, पाकिस्तान ने 8,000 से ज़्यादा सऊदी सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया है. यमन में मिस्र के युद्ध को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, 1960 के दशक में पाकिस्तानी सैनिकों ने सऊदी अरब की यात्रा की थी.
सऊदी अरब भारत संबंध
- सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.
- वित्त वर्ष 2024-25 में, द्विपक्षीय व्यापार 41.88 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध हैं.
- पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच व्यापार लगभग 3-4 अरब अमेरिकी डॉलर का है. इसलिए, यह संभावना नहीं है कि सऊदी अरब भारत के खिलाफ जाएगा.
- भारत ने सतर्कतापूर्वक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि यह समझौता सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच ‘एक दीर्घकालिक व्यवस्था को औपचारिक रूप देता है’.
भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम: प्रधानमंत्री ने कई परियोजनाओं को शुरू किया
गुजरात के भावनगर में 20 सितम्बर को ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया. इस इस दौरान उन्होंने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिन्दु
- देश का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक समुद्री व्यापार में हिस्सेदारी को तीन गुना करना है.
- दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता उसके सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है.
- वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना होगा.
- प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र अगली पीढ़ी के सुधारों के दौर से गुजर रहा है.
कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
- इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
- श्री मोदी ने 7.8 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कई प्रमुख समुद्री परियोजनाओं के साथ-साथ मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का भी उद्घाटन किया.
- उन्होंने अहमदाबाद के पास प्राचीन शहर लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) की प्रगति की समीक्षा की. NMHC का विकास 4.5 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था. NMHC दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री संग्रहालय होगा.
भारतीय स्वदेशी जहाज INS निस्तार ने अभ्यास ‘पैसिफिक रीच-2025’ में भाग लिया
- भारतीय नौसेना का स्वदेशी जहाज ‘INS निस्तार’ (INS Nistar) ने हाल ही में संपन्न बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘पैसिफिक रीच-2025’ (Pacific Reach 2025) में भाग लिया. यह जहाज अपनी पहली विदेश यात्रा पर 15 सितम्बर को सिंगापुर पहुंचा था.
- सिंगापुर की मेजबानी में आयोजित होने वाले इस अभ्यास में 40 से अधिक देश सक्रिय भागीदार या पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया. इस अभ्यास का आयोजन दक्षिण चीन सागर में दो चरणों में किया गया था.
INS निस्तार
- INS निस्तार, भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) है. इसे पनडुब्बी बचाव और गहरे समुद्र में गोताखोरी के कार्यों के लिए बनाया गया है.
- भारतीय नौसेना ने ‘आईएनएस निस्तार’ (INS Nistar) का 18 जुलाई को जलावतरण किया था.
- INS निस्तार को विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) ने डिजाइन और निर्मित किया है. यह लगभग 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से निर्मित है.
- 10500 टन से अधिक भार वाला यह पोत लगभग 120 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा है. इस पोत में अत्याधुनिक गोताखोरी उपकरण लगे हैं और यह 300 मीटर की गहराई तक समुद्र में गोताखोरी करने में सक्षम है.
- यह पोत समुद्र में 1000 मीटर की गहराई में भी संकटग्रस्त पनडुब्बियों के लिए बचाव अभियान में उपयोगी है.
दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को वर्ष 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
दिग्गज फिल्म अभिनेता मोहनलाल को 55वें दादा साहब फाल्के पुरस्कार (55th Dadasaheb Phalke Award) से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें वर्ष 2023 का दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार 23 सितम्बर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह के दौरान दिया जाएगा.
- छोटी उम्र में ही अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू करने वाले मोहनलाल ने मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सहित हिंदी फ़िल्मों में काम किया है.
- अभिनेता मोहन लाल को उनकी प्रतिभा की वजह से पहले वर्ष 2001 में पद्मश्री और बाद में वर्ष 2019 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
- फिल्म निर्माता के रूप में उन्हें वनप्रस्थम के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म का पुरस्कार भी मिला.
दादा साहब फाल्के पुरस्कार: एक दृष्टि
- दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक वार्षिक पुरस्कार है.
- यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है.
- यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के जनक धुंदीराज गोविंद फाल्के (दादा साहब फाल्के) के नाम पर दिया जाता है.
- इस पुरस्कार का प्रारम्भ दादा साहब फाल्के के जन्म शताब्दि-वर्ष 1969 में हुआ था. फाल्के ने 1913 में इंडिया की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिशचंद्र’ का निर्देशन किया था.
- पहली बार यह सम्मान 1969 में 17वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था.
- अब तक 53 बार ये पुरस्कार दिया जा चुका है. मिथुन चक्रवर्ती को 54वें दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. 54वां दादा साहब फाल्के सम्मान वहीदा रहमान को (वर्ष 2021 के लिए) दिया गया था.
- इस पुरस्कार में 10 लाख रुपये और स्वर्ण कमल दिये जाते हैं.
दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता: एक दृष्टि
| मोहनलाल | 2023 |
| मिथुन चक्रवर्ती | 2022 |
| वहीदा रहमान | 2021 |
| आशा पारेख | 2020 |
| रजनीकांत | 2019 |
| अमिताभ बच्चन | 2018 |
| विनोद खन्ना | 2017 |
| कासीनथुनी विश्वनाथ | 2016 |
| मनोज कुमार | 2015 |
| शशि कपूर | 2014 |
| गुलज़ार | 2013 |
| प्राण | 2012 |
| सौमित्र चटर्जी | 2011 |
| के बालाचंदर | 2010 |
| डी रामानायडू | 2009 |
| वीके मूर्ति | 2008 |
| मन्ना डे | 2007 |
| तपन सिन्हा | 2006 |
| श्याम बेनेगल | 2005 |
| अदूर गोपालकृष्णन | 2004 |
| मृणाल सेन | 2003 |
| देव आनंद | 2002 |
| यश चोपड़ा | 2001 |
| आशा भोंसले | 2000 |
| हृषिकेश मुखर्जी | 1999 |
| बीआर चोपड़ा | 1998 |
| कवि प्रदीप | 1997 |
| शिवाजी गणेशन | 1996 |
| राजकुमार | 1995 |
| दिलीप कुमार | 1994 |
| मजरूह सुल्तानपुरी | 1993 |
| भूपेन हजारिका | 1992 |
| भालजी पेंढारकर | 1991 |
| अक्किनेनी नागेश्वर राव | 1990 |
| लता मंगेशकर | 1989 |
| अशोक कुमार | 1988 |
| राज कपूर | 1987 |
| बी नागी रेड्डी | 1986 |
| वी शांताराम | 1985 |
| सत्यजीत रे | 1984 |
| दुर्गा खोटे | 1983 |
| एलवी प्रसाद | 1982 |
| नौशाद | 1981 |
| पैदी जयराज | 1980 |
| सोहराब मोदी | 1979 |
| रायचंद बोराल | 1978 |
| नितिन बोस | 1977 |
| कानन देवी | 1976 |
| धीरेंद्र नाथ गांगुली | 1975 |
| बोम्मीरेड्डी नरसिम्हा रेड्डी | 1974 |
| रूबी मायर्स (सुलोचना के नाम से प्रसिद्ध) | 1973 |
| पंकज मलिक | 1972 |
| पृथ्वीराज कपूर | 1971 |
| बीरेंद्रनाथ सरकार | 1970 |
| देविका रानी | 1969 |
असम के प्रसिद्ध गायक ज़ुबीन गर्ग का स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में निधन
- असम के प्रसिद्ध गायक ज़ुबीन गर्ग का 19 सितम्बर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में निधन हो गया. 52 वर्षीय ज़ुबीन नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में शामिल होने के लिए सिंगापुर में थे.
- ज़ुबीन 2006 में गैंगस्टर फिल्म के गाने ‘या अली’ से सुर्खियों में आए थे. उन्होंने 40 अलग-अलग भाषाओं में 38 हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए.
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास
- संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच 15 से 19 सितंबर 2025 तक ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया था.
- यह अभ्यास दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के पास आयोजित किया गया था.
- इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरों के खिलाफ त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना था.
- फ्रीडम एज 2025 अभ्यास में बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा, वायु रक्षा अभ्यास, चिकित्सा और समुद्री संचालन प्रशिक्षण शामिल थे.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
भारत को विश्व डाक संघ का सदस्य चुना गया
भारत एक बार फिर विश्व डाक संघ की प्रशासनिक परिषद का सदस्य चुन लिया गया है. इससे भारतीय डाक व्यवस्था के सुधारों और डिजिटल पहलों में विश्व समुदाय के विश्वास का पता चलता है. भारत 1876 से ही विश्व डाक संघ का सदस्य है और अंतरराष्ट्रीय डाक नेटवर्क को मज़बूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है.
प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम
17 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिवस था. इस उपलक्ष्य में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘चलो जीते हैं’ देश के लाखों स्कूलों और कई सिनेमाघरों में दिखाई गई. यह फिल्म प्रधानमंत्री मोदी के बचपन की एक घटना से प्रेरित है. इस फिल्म में, स्वामी विवेकानंद के दर्शन से प्रभावित होकर किशोरवय नारू अपनी छोटी-सी दुनिया में बदलाव लाने का प्रयास करता है.
आठवां भारत अंतर्राष्ट्रीय चाय सम्मेलन कोच्चि में आयोजित किया गया
आठवां भारत अंतर्राष्ट्रीय चाय सम्मेलन (IITC) 2025 केरल के कोच्चि में 18 से 20 सितंबर तक आयोजित किया गया था. इस वर्ष का विषय ‘भविष्य के लिए चाय पारिस्थितिकी तंत्र का नवाचार’ था.
केरल में 5वां विश्व सागौन सम्मेलन 2025
5वां विश्व सागौन सम्मेलन (world teak conference), केरल में 17 से 20 सितंबर 2025 तक आयोजित किया गया था. भारत में पहली बार इस सम्मेलन को आयोजित किया गया. इसका आयोजन केरल वन अनुसंधान संस्थान द्वारा किया गया था, जिसका समन्वय भारत के अंतर्राष्ट्रीय सागौन सूचना नेटवर्क (TEAKNET) और जापान के अंतर्राष्ट्रीय उष्णकटिबंधीय इमारती लकड़ी संगठन (ITTO) द्वारा किया गया.
