डेली कर्रेंट अफेयर्स
19-20 सितम्बर 2025
WIPO वैश्विक नवाचार सूचकांक 2025 जारी, स्विट्जरलैंड पहले और भारत 38वें स्थान पर
- विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार संगठन (WIPO) ने 16 सितंबर को वर्ष 2025 में वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) जारी किए.
- इस रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक नवाचार प्रणाली एक बदलाव के दौर से गुजर रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में जहां तीव्र तकनीकी प्रगति हुई है, वहीं वैश्विक अनुसंधान एवं विकास (R&D) की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई है.
- 2024 में वैश्विक R&D की वृद्धि दर गिरकर 2.9 प्रतिशत रही. यह वर्ष 2023 की 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर से कम है. 2010 के वित्तीय संकट के बाद का सबसे निचला स्तर है. 2025 में इसके 2.3 प्रतिशत तक गिरने की संभावना जताई गई है.
GII 2025: वैश्विक प्रदर्शन
- GII 2025 के अनुसार, यूरोप दुनिया का सबसे नवाचारी क्षेत्र बना हुआ है, जहां शीर्ष 25 में 15 देश शामिल हैं, और शीर्ष 10 में 6 देश हैं.
- स्विट्ज़रलैंड लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है, उसके बाद स्वीडन और संयुक्त राज्य अमेरिका क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.
- चीन ने इस वर्ष विशेष उपलब्धि दर्ज करते हुए नवाचार आउटपुट (Knowledge & Technology Outputs) में स्विट्ज़रलैंड को पीछे छोड़ दिया है. वह पेटेंट फाइलिंग में अग्रणी बन गया है, R&D खर्च में दूसरे स्थान पर है.
GII 2025: भारत का प्रदर्शन
- भारत ने GII में पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार किया है. 2020 में 48वें स्थान से बढ़ते हुए अब 2025 में भारत 38वें स्थान पर पहुंच चुका है.
- इसके अलावा, भारत ने निम्न-मध्यम आय वर्गीय देशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और केंद्रीय एवं दक्षिणी एशिया क्षेत्र में भी शीर्ष पर है.
भारत का विभिन्न मानकों में रैंक
- ज्ञान तथा प्रौद्योगिकी आउटपुट: रैंक 22
- बाज़ार संरचना: रैंक 38
- व्यापार संरचना: रैंक 64
- आधारभूत ढाँचे: रैंक 61
- संस्थान: रैंक 58
- भारत की सफलता का प्रमुख कारण उसका डिजिटल बुनियादी ढांचा, युवा कार्यबल, और सरकार द्वारा नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली योजनाएं हैं.
वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII): एक दृष्टि
- वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index) एक वार्षिक रिपोर्ट है जो विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रति वर्ष जारी की जाती है.
- इस रिपोर्ट में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों की नवाचार (Innovation) क्षमता और प्रदर्शन को रैंक करती है.
- इस सूचकांक की गणना के मानकों में संस्थान, मानव पूंजी और अनुसंधान, आधारभूत ढाँचे, बाज़ार संरचना, व्यापार संरचना, ज्ञान तथा प्रौद्योगिकी आउटपुट शामिल हैं.
भारत ने अपनी पहली राष्ट्रीय भूतापीय ऊर्जा नीति जारी की
- भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के लिए अपनी पहली राष्ट्रीय भूतापीय ऊर्जा नीति (National Policy on Geothermal Energy) 2025 जारी की है. इस नीति को 17 सितम्बर को केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने जारी किया.
- इसके साथ ही भारत उन देशों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है जो 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए भूमिगत ताप ऊर्जा उत्पादन की दिशा कर रहे हैं.
राष्ट्रीय भूतापीय ऊर्जा नीति 2025: मुख्य उद्देश्य
- यह नीति देश की नवीकरणीय ऊर्जा संरचना का उन्नयन करने और 2070 तक ‘नेट ज़ीरो उत्सर्जन’ लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक अहम पहल है.
- भारत के भूतापीय संसाधनों को स्वच्छ, विश्वसनीय और सतत ऊर्जा स्रोत के रूप में विकसित करना इस नीति का प्रमुख उद्देश्य है.
- भारत में भूतापीय संसाधन का उपयोग अभी तक ऊर्जा उत्पादन में नहीं लिया जाता था.
- इस नीति का लक्ष्य लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे क्षेत्रों में 381 गर्म झरनों और 10 भूतापीय क्षेत्रों को विकसित करना है.
- इसमें कर छूट, आयात शुल्क में छूट और व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण जैसे प्रोत्साहन शामिल हैं.
भूतापीय ऊर्जा क्या है?
- भूतापीय ऊर्जा, पृथ्वी की सतह के नीचे से प्राप्त होने वाली ऊष्मा ऊर्जा है. यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है क्योंकि पृथ्वी के अंदर गर्मी का प्रवाह लगातार बना रहता है.
- इसमें पृथ्वी के आंतरिक भाग में गर्मी, मैग्मा, रेडियोधर्मी तत्वों के क्षय, या गर्म भूजल का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिया किया जाता है.
भारत में अमेरिकी से मक्का के आयात को लेकर चर्चा
भारत और अमेरिका के बीच मक्का के व्यापार की चर्चा हाल के दिनों में चर्चा में रहा है. हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने भारत की मक्का नीति पर तीखा सवाल उठाया था. हावर्ड लुटनिक ने भारत पर अमेरिकी मक्का नहीं खरीदने का आरोप लगाया था.
भारत में मक्का का आयात
- वर्ष 2024-25 में भारत ने कुल 0.97 मिलियन टन मक्का का आयात किया था. इस दौरान म्यांमार से 0.53 मिलियन टन और यूक्रेन से 0.39 मिलियन टन जबकि अमेरिका से मात्र 1,100 टन आयात हुआ था.
- अमेरिका से मक्का आयात नहीं करने का मुख्य कारण वहाँ का जीएम (Genetically Modified) मक्का है. भारत में जीएम मक्का पर प्रतिबंध है.
- अमेरिका के 94 प्रतिशत मक्का क्षेत्र में GM बीजों का उपयोग होता है. भारत में न तो GM मक्का की खेती की अनुमति है और न ही उसके आयात की.
- भारत में मक्का का सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹24/kg है, जबकि अमेरिकी मक्का की लागत ₹15/kg से भी कम है.
अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा मक्का उत्पादक
- अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा मक्का उत्पादक और निर्यातक है. 2024-25 में अमेरिका ने 377.63 मिलियन टन मक्का का उत्पादन और 71.7 मिलियन टन का निर्यात किया था.
- चीन, जो पहले अमेरिका का सबसे बड़ा मक्का का आयातक था, ने अपने आयात घटाकर 2024 में केवल $2.4 मिलियन कर दिया. इस गिरावट के चलते अमेरिका अब भारत जैसे नए बाजारों की तलाश में है.
भारत के सात नए स्थल विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल
- भारत के सात नए प्राकृतिक धरोहर स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल किया गया है. अब भारत के स्थलों की संख्या 62 से बढ़कर 69 हो गई है.
- नए शामिल स्थलों में महाराष्ट्र के पंचगनी और महाबलेश्वर स्थित डेक्कन ट्रैप, कर्नाटक के सेंट मैरी द्वीप समूह की भूवैज्ञानिक विरासत, मेघालय की गुफाएं, नागा हिल ओफियोलाइट, आंध्र प्रदेश का एर्रा मट्टी डिब्बालू, तिरुमाला पहाड़ियाँ और केरल की वर्कला चट्टानें शामिल हैं.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
फ्रांस में मितव्ययिता योजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
फ्रांस में 18 सितम्बर को लाखों लोग मितव्ययिता योजनाओं के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. यूनियनों ने सरकार से आगामी बजट कटौती को वापस लेने की मांग की है. प्रदर्शनकारी खर्च बढ़ाने, अमीरों पर अधिक कर लगाने और पेंशन में बदलावों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
छठ महापर्व को यूनेस्को सूची में शामिल कराने की पहल
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने छठ महापर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल कराने में एक पहल की है. इस उद्देश्य से हाल ही में नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की गई. यह चर्चा यूनेस्को की 2003 की कन्वेंशन के तहत बहु-राष्ट्रीय नामांकन की दिशा में की गई. छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित भारत का एक प्राचीन और अत्यंत लोकप्रिय त्योहार है.
मणिपुर में 14वां सिराराखोंग हथेई मिर्च महोत्सव
मणिपुर में 14वां सिराराखोंग हथेई मिर्च महोत्सव 16 से 18 सितम्बर तक उखरुल ज़िले के सिराराखोंग गाँव में आयोजित हुआ. सिराराखोंग हथेई एक जीआई टैग प्राप्त मिर्च की एक किस्म है जो अपनी अनूठी सुगंध और स्वाद के लिए जानी जाती है.
