डेली कर्रेंट अफेयर्स
1-2 सितम्बर 2025

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा, SCO के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में जापान और चीन की यात्रा पर थे. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर इस यात्रा के दूसरे चरण में वे 31 अगस्त और 1 सितम्बर को चीन गए थे.

प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक में हिस्सा लेने के प्रयोजन से चीन गए थे.

SCO के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक

  • SCO के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक चीन के तियानजिन में 1 सितम्बर को आयोजित किया गया था. यह पाचंवी बार था, जब SCO की बैठक चीन में हुई.
  • चीन वर्तमान में SCO का अध्यक्ष देश है. ‘अप होल्डिंग द शंघाई स्पिरिट: एससीओ ऑन द मूव’ थीम  के तहत, चीन ने वर्ष 2025 को ‘एससीओ सतत विकास का वर्ष’ घोषित किया है.

SCO के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक: मुख्य बिन्दु

  • इस बैठक की अध्‍यक्षता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की. सम्मेलन में बीस से अधिक देशों के शीर्ष नेता और दस अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हुए.
  • सम्मेलन में संगठन की 25 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई. दस वर्षीय विकास रणनीति को अपनाया गया और क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, संपर्क, आतंकवाद-रोधी प्रयास तथा सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ.
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया. उन्होंने SCO देशों से आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया है.
  • श्री मोदी ने सदस्य देशों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसका समर्थन करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराने को कहा.
  • इस सम्मेलन का सफलतापूर्वक नई ऊर्जा और मजबूत संकल्प के साथ हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रिय भागीदारी और रणनीतिक संवादों ने भारत की भूमिका को एक स्थिरकारी शक्ति और वैश्विक शांति एवं विकास में एक प्रमुख साझेदार के रूप में और भी सशक्त किया.

प्रधानमंत्री मोदी की विश्व नेताओं से मुलाकात

  • सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने कई विश्व नेताओं से मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता की. उन्होंने मालदीव, ताजिकिस्तान, कजाखस्तान और बेलारूस के राष्ट्रपतियों तथा मिस्र और नेपाल के प्रधानमंत्रियों सहित विश्व नेताओं से मुलाकात की.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के राज्य सुरक्षा और शांति आयोग के अध्यक्ष, वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से भी मुलाकात की.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी पड़ोसी प्रथम, एक्ट ईस्ट और हिंद-प्रशांत नीतियों के तहत म्यांमार के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है.

प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 31 अगस्त को सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता की.
  • दोनों नेताओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के महत्व पर सहमति व्यक्त की और आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
  • इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत और चीन विकास में भागीदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और उनके मतभेद विवादों में नहीं बदलने चाहिए.
  • आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर, दोनों नेताओं ने विश्व व्यापार को स्थिर करने में अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को स्वीकार किया.
  • भारत और चीन दोनों ही रणनीतिक स्वायत्तता चाहते हैं और उनके संबंधों को किसी तीसरे देश के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए.
  • उल्लेखनीय है कि, जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने संबंध नए सिरे से मजबूत करने के उपाय शुरू किए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता

  • सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने आर्थिक, वित्तीय तथा ऊर्जा क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग पर विचार विमर्श किया.
  • दोनों नेताओं ने युक्रेन से जुडे ताजा घटनाक्रमों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया. श्री मोदी ने युक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए हाल में किये गये प्रयासों के प्रति समर्थन दोहराया.

संयुक्त घोषणा-पत्र

  • सम्मेलन में तियानजिन घोषणा पत्र को अपनाया गया. इस घोषणा-पत्र में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ एक दृढ़ और एकजुट संदेश दिया है.
  • आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंडों को अस्वीकार करते हुए, सीमा पार आतंकियों की आवाजाही को रोकने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया.
  • सदस्य देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
  • इस दस्तावेज़ में भारत की वैश्विक दृष्टिकोण ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ को भी मान्यता दी गई, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने में भारत की नेतृत्व भूमिका को पुनः पुष्ट करता है.

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का गठन

  • शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) जून 2001 में ‘शंघाई फाइव’ (Shanghai Five) के विस्तार के बाद अस्तित्व में आया था.
  • ‘शंघाई फाइव’ का गठन रूस, चीन, कज़ाखस्तान, किर्गिज़स्तान और ताजिकिस्तान ने साथ मिलकर वर्ष 1996 में किया था. वर्ष 2001 में उज़्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद शंघाई फाइव का नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन कर दिया गया.
  • साल 2017 में भारत और पाकिस्तान भी इसके स्थायी सदस्य बने. उससे पहले भारत को 2005 में SCO में एक पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया गया था.
  • वर्ष 2023 में ईरान को SCO के 9वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया. इससे पहले ईरान पर्यवेक्षक के रूप में SCO में शामिल था.
  • वर्ष 2024 में बेलारूस को SCO के 10वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया. उससे पहले बेलारूस को 2015 में SCO में एक पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया गया था.

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्या है?

  • शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) एक स्थायी अंतर-सरकारी संगठन है. वर्तमान में यह संगठन दुनिया की लगभग 42% आबादी, 22% भूमि क्षेत्र और 20% सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करता है.
  • SCO के दो मुख्य निकाय हैं- SCO राष्ट्राध्यक्ष परिषद और SCO शासनाध्यक्ष परिषद. SCO राष्ट्राध्यक्ष की परिषद SCO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है.
  • SCO की अध्यक्षता रूसी वर्णमाला के अनुसार सदस्य देशों के बीच सालाना बारी-बारी से आयोजित की जाती है.
  • यह समूह अपने सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है.
  • SCO के स्थायी सदस्य (10 देश): कजाकिस्तान, चीन, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, भारत, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस.
  • SCO के पर्यवेक्षक: मंगोलिया, बेलारूस और अफगानिस्तान (2021 से निलंबित) SCO में पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में शामिल हैं.
  • SCO के वार्ता भागीदार: आर्मेनिया, अज़रबैजान, कंबोडिया, श्रीलंका, तुर्की, मिस्र, नेपाल, कतर और सऊदी अरब
  • SCO का मुख्य स्थायी कार्यकारी मुख्यालय बीजिंग चीन में है. क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) मुख्यालय ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में है. रूसी तथा मंडारिन, SCO की आधिकारिक भाषाएँ हैं.
  • SCO, शंघाई स्पिरिट नामक दर्शन से संचालित होता है, जो कि सद्भाव, सर्वसम्मति से काम करने, दूसरों की संस्कृति का सम्मान करने तथा दूसरों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने एवं गुटनिरपेक्षता पर बल देता है.
  • बहुत सारे पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों का यह मानना है की SCO को चीन और रूस के द्वारा एक पश्चिम विरोधी गठबंधन के रूप में बदला जा रहा है.

25वीं राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप अहमदाबाद में संपन्न हुआ

  • 25वीं राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप (25th Commonwealth Weightlighting Championship) अहमदाबाद में 25 अगस्त से 30 अगस्त तक आयोजित किया गया था.
  • इस प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन महासंघ (CWF) ने किया था जिसमें 31 देशों के 300 से अधिक भारोत्तोलकों ने भाग लिया.
  • इस प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में भारत ने 3 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 13 पदक जीते. पदक तालिका में भारत, मलेशिया, नाइजीरिया और ऑस्ट्रेलिया पहले चार स्थान पर रहे.

राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2025: भारतीय स्‍वर्ण पदक विजेता

  1. अजित नारायण (पुरुष 71 किग्रा) – स्वर्ण पदक
  2. अजय बाबू वल्लूरी (पुरुष 79 किग्रा) – स्वर्ण पदक
  3. मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा) – स्वर्ण पदक

राष्ट्रीय वार्षिक महिला सुरक्षा रिपोर्ट एवं सूचकांक 2025

  • राष्ट्रीय वार्षिक महिला सुरक्षा रिपोर्ट एवं सूचकांक (NARI) 2025 हाल ही में जारी की गई थी. इस रिपोर्ट को डेटा साइंस कंपनी पीवैल्यू एनालिटिक्स द्वारा तैयार किया गया है जिसका विमोचन राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने किया था.
  • इस रिपोर्ट में भारत में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और असुरक्षित शहरों के नाम जारी किए गए हैं. रिपोर्ट को 31 शहरों की 12,770 महिलाओं की रायशुमारी के आधार पर तैयार किया गया है.
  • इस रायशुमारी में 10 में से 6 महिलाओं ने अपने शहर में सुरक्षित महसूस करने की बात कही है. रात में सुरक्षित महसूस करने की धारणा में भारी गिरावट आई है, खासकर सार्वजनिक परिवहन में और मनोरंजन स्थलों पर.

NARI रिपोर्ट 2025: महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और असुरक्षित भारतीय शहर

सबसे सुरक्षित शहर

  • रिपोर्ट में कोहिमा, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर और मुंबई को भारत में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहर बताया गया है.
  • इसके लिए मुख्य कारक मजबूत लैंगिक समानता, नागरिक भागीदारी, पुलिस व्यवस्था और महिला-अनुकूल बुनियादी ढांचे को बताया गया है.

सबसे असुरक्षित शहर

  • रिपोर्ट में रांची, श्रीनगर, कोलकाता, दिल्ली, फरीदाबाद, पटना और जयपुर को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सबसे निचले पायदान पर रखा गया है.
  • इसका कारण कमजोर संस्थागत प्रतिक्रिया, पितृसत्तात्मक मानदंडों और शहरी बुनियादी ढांचे में कमी जैसे कारकों को बताया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा, टोक्यो में 15वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में जापान और चीन की यात्रा पर थे. इस यात्रा के पहले चरण में वे 29 और 30 अगस्त को जापान गए थे.

यह प्रधानमंत्री मोदी की जापान की आठवीं यात्रा थी. इस यात्रा के दौरान उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय शिखर वार्ता की.

15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन

  • प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त को टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए.
  • सम्मेलन के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. संबोधन को मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्‍य निर्धारित किया है.
  • भारत और जापान के लघु और मध्‍यम उद्यमों और स्‍टार्टअप्‍स को जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा.
  • भारत और जापान हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र को मुक्‍त, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम आधारित बनाने के प्रति वचनबद्ध हैं.
  • डिफेंस इंडस्ट्री और इनोवेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और सशक्त किया जाएगा.

प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा

  • जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भारत के वैश्विक प्रभाव की सराहना की और जापान की अर्थव्‍यवस्‍था में कुशल भारतीय प्रतिभाओं के अधिक से अधिक उपयोग का आह्वान किया.
  • जापान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नवाचार के जरिए समूचे देशों में परिवर्तन ला रहा है.
  • दोनों देशों को चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाने की ज़रूरत है.

शिष्‍टमंडलस्‍तर की बातचीत

  • दोनों देशों के बीच, शिष्‍टमंडलस्‍तर की बातचीत हुई जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गए और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
  • भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए एक आर्थिक सुरक्षा पहल शुरू की.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रभाव शिखर सम्‍मेलन के लिए भी आमंत्रित किया. भारत अगले वर्ष फरवरी में इस शिखर सम्‍मेलन की मेज़बानी करेगा.

सेंडाई यात्रा

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा शिंकानसेन-बुलेट ट्रेन से मियागी प्रान्त के सेंडाई गए.
  • सेंडाई में दोनों नेता सेमीकंडक्टर के उपकरणों का उत्पादन करने वाले टोक्यो इलेक्ट्रॉन कारखाने का दौरा किया.
  • जापान का लक्ष्य इस क्षेत्र में आयात पर अपनी निर्भरता कम करना और खुद की सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है. यह भारत का भी एक साझा उद्देश्य है.

भारत-जापान संबंध

  • भारत और जापान के बीच की मित्रता सदियों पुरानी है. बौद्ध धर्म के प्रसार के माध्यम से छठी शताब्दी से ही दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध रहे हैं.
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) की सहायता की और स्वतंत्रता आंदोलन में भारत की स्थिति मजबूत हुई.
  • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत पहला देश था जिसने (1952 में) जापान के साथ शांति संधि पर हस्ताक्षर किए थे.
  • जापान 1958 से भारत के लिए सबसे बड़ा आधिकारिक विकास सहायता (ODA) प्रदाता रहा है. दिल्ली मेट्रो और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना (बुलेट ट्रेन) जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसी सहयोग का परिणाम हैं.
  • 2014 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ तक बढ़ाया. 2016 में दोनों देशों के बीच परमाणु समझौता भी संपन्न हुआ.
  • दोनों देश क्वाड के भी सदस्य हैं. ‘मालाबार’ (JIMEX) और ‘धर्म गार्जियन’ जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाते हैं.
  • 2022 में जापान से भारत में अगले पाँच वर्षों में 5 ट्रिलियन येन के सार्वजनिक और निजी निवेश का लक्ष्य रखा था, जो पहले ही हासिल किया जा चुका है.
  • वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार 22 अरब डॉलर से अधिक है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा से इसके और बढ़ाने की उम्मीद है.
  • वित्त वर्ष 2024 के दौरान भारत से जापान को निर्यात 5.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर और जापान से भारत को आयात 17.69 बिलियन अमेरिकी डॉलर था.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर ज़ेलेंस्की से बात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर ज़ेलेंस्की से टेलीफोन पर बात की. दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन के संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की. श्री मोदी ने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से कहा कि भारत हमेशा से रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में रहा है और यथाशीघ्र शांति बहाली के प्रयासों का समर्थन करता है. श्री मोदी ने कहा कि भारत इस संबंध में हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है.

नोएडा में एक ड्रोन निर्माण कंपनी और इंजन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में एक ड्रोन निर्माण कंपनी और इंजन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया. इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्धों में ड्रोन की अहम भूमिका है. श्री सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया.

आईएनएस कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेगा

भारतीय नौसेना का स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए पोर्ट मोरेस्बी पहुंचा है. यह पहल प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

मॉरिटैनिया के तट पर नाव पलटने की दुर्घटना

गाम्बिया के मॉरिटैनिया के तट पर प्रवासियों को ले जा रही एक नाव 27 अगस्त को पलट गयी. इस दुर्घटना में लगभग 70 लोगों की मौत हो गई. गाम्बिया से रवाना हुई इस नाव में, लगभग 150 यात्री सवार थे. इनमें से ज़्यादातर गाम्बिया और सेनेगल के नागरिक थे.

इस्राइल के हमलों में हूती समर्थित सरकार के प्रधानमंत्री मारे गए

यमन के हूती गुट ने कहा है कि इस सप्ताह के शुरू में राजधानी सना पर हुए इस्राइल के हवाई हमलों में हूती समर्थित सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और कई अन्य मंत्री मारे गए.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर्नाटक और तमिलनाडु के दौरे पर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 से 3 सितम्बर तक कर्नाटक और तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगी. राष्ट्रपति 1 सितम्बर को मैसूरू में अखिल भारतीय वाक और श्रवण संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुई. वे चेन्नई में सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगी. राष्ट्रपति तिरुवरुर स्थित तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में भी भाग लेंगी.

भारत और थाईलैंड संयुक्त अभ्यास ‘मैत्री’ की शुरुआत

भारतीय सेना और थाईलैंड की सेना (रॉयल थाई) के बीच संयुक्त अभ्यास ‘मैत्री’ का 14वाँ संस्करण 1 से 14 सितंबर 2025 तक मेघालय के उमरोई में आयोजित किया जा रहा है. इस अभ्यास का उद्देश्य अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में कंपनी स्तर पर संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियानों के संचालन में दोनों सेनाओं की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है. मैत्री अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी. यह अभ्यास भारत और थाईलैंड में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है.