डेली कर्रेंट अफेयर्स
28-29 अगस्त 2025

यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी.

पीएम स्वनिधि योजना को मार्च 2030 तक बढ़ाया गया, पुनर्गठन को मंजूरी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के पुनर्गठन को मंजूरी दी है. यह मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 27 अगस्त को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई.

मंत्रिमंडल ने इस योजना के 31 दिसंबर 2024 से आगे की अवधि के विस्तार का भी अनुमोदन किया. इसे अब 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दिया गया है.

पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषता

  • इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है. पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है.
  • पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में बढ़ी हुई ऋण राशि, लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं.
  • इस योजन के तहत दिए जाने वाले ऋण के प्रथम किश्त को 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए तथा ऋण के द्वितीय किश्त को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए तक किया गया है. जबकि तृतीय किश्त पहले की तरह 50,000 रुपए है.
  • यूपीआई लिंक्‍ड रुपे क्रेडिट कार्ड से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा.

योजना का कार्यान्वयन

  • प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) पर संयुक्त रूप से रहेगी. इसमें DFS की भूमिका ऋण या क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी.

प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme)

  • प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री रेहडी-पटरी विक्रेता आत्‍मनिर्भर निधी (PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) है.
  • सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए 1 जून 2020 को इस योजना की शुरुआत थी.
  • इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडरों) को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने के लिए बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है.
  • इस योजना के तहत ₹15,000 का पहला ऋण मिलता है, जिसके बाद आवश्यकतानुसार ₹25,000 और ₹50,000 तक के ऋण भी दिए जा सकते हैं. इस ऋण के पुनर्भुगतान पर 7% की ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है.

फिजी के प्रधानमंत्री सितिवेनी राबुका की भारत यात्रा

फिजी के प्रधानमंत्री सितिवेनी राबुका (Sitiveni Rabuka) 24 से 26 अगस्त तक भारत की यात्रा पर थे. श्री राबुका के साथ उनकी पत्‍नी सुलेती राबुका और कई मंत्रियों तथा अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल थे. प्रधानमंत्री राबुका की यह पहली भारत यात्रा थी.

द्विपक्षीय वार्ता

  • फिजी के प्रधानमंत्री सितिवेनी राबुका ने दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया. दोनों देशों ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
  • फिजी की मेरिटाइम सिक्‍युरिटी को सशक्‍त करने के लिए भारत से ट्रेनिंग और इक्विपमेंट में सहयोग के लिए सहमति बनी.
  • जलवायु परिवर्तन फिजी के लिए एक बड़ी चुनौती है और भारत उसे आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में हर संभव सहयोग देगा.
  • फिजी में 100 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की घोषणा की गई. जनऔषधि केंद्रों की शुरुआत, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा और जयपुर फुट कैंप जैसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया.
  • ग्रामीण विकास और फाइनेंशियल इन्क्लूजन को बढ़ाने के लिए भारतीय नाबार्ड और फिजी डेवलपमेंट बैंक के बीच समझौता हुआ.
  • फिजी के EEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) की सुरक्षा में भी भारत मदद करेगा.
  • फ़िजी के प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ अपने संबंधों और विकास साझेदारी को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

भारत-फिजी संबंध

  • भारत के लिए फिजी, समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. चीन की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता के बीच भारत लंबे समय से फिजी के साथ अपने रक्षा संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
  • भारत एवं फिजी के संबंध वर्ष 1879 में शुरू हुए, जब 60,000 से अधिक भारतीय मजदूरों (गिरमिटिया) को ब्रिटिश शासन के तहत फिजी में गन्ने के बागानों के लिए ले जाया गया था.
  • वर्ष 1987 में तख्तापलट ने भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री महेंद्र चौधरी को हटा दिया और भारत-फिजी संबंधों में तनाव पैदा हो गया.
  • वर्ष 2014 में भारत ने फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) शुरू किया, जिसने फिजी के साथ सहयोग को अधिक मजबूत किया.
  • वर्ष 2023-24 में भारत व फिजी के बीच द्विपक्षीय व्यापार $77.47 मिलियन था, जिसमें भारत का निर्यात $76.28 मिलियन और आयात $1.19 मिलियन था.

फिजी: एक दृष्टि

  • फ़िजी, दक्षिण प्रशान्त महासागर में एक द्वीप देश है. यह न्यूज़ीलैण्ड के नॉर्थ आईलैंड से करीब 2000 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित है. इसके समीपवर्ती पड़ोसी राष्ट्रों में पश्चिम की ओर वनुआतु, पूर्व में टोंगा और उत्तर में तुवाल है.
  • 1970 तक फ़िजी एक अंग्रेजी उपनिवेश था. प्रचुर मात्रा में वन, खनिज एवं जलीय स्रोतों के कारण फ़िजी प्रशान्त महासागर के द्वीपों में सबसे उन्नत राष्ट्र है.
  • इस देश के द्वीपसमूह में कुल 322 द्वीप हैं. इसके अतिरिक्त यहाँ लगभग 500 क्षुद्र द्वीप हैं. देश की कुल आबादी लगभग 8,50,000 जिसका लगभग 87% विती लेवु और वनुआ लेवु द्वीप पर निवास करते हैं.

स्‍वदेशी स्टील्थ युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि भारतीय नौसेना के बेड़े में श‍ामिल

  • अत्याधुनिक स्‍वदेशी स्टील्थ युद्धपोत ‘उदयगिरि’ और ‘हिमगिरि’ को 26 अगस्त को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया.
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम स्थित नौसेना अड्डे पर इन दोनों युद्धपोतों का जलावतरण किया.
  • उदयगिरि और हिमगिरि दोनों युद्धपोतों को भारत सरकार के ‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत विकसित किया गया है.
  • ‘उदयगिरि’ को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने, वहीं ‘हिमगिरि’ को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने बनाया है. ऐसा पहली बार है, जब दो युद्धपोतों का एकसाथ एक ही जगह पर जलावतरण किया गया.

प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरि श्रेणी)

  • सरकार ने वर्ष 2015 में ‘प्रोजेक्ट 17A‘ को मंज़ूरी दी थी. इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 50,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के सात स्टील्थ युद्धपोतों का निर्माण किया जाना है. इन युद्धपोतों को नीलगिरि श्रेणी के फ्रिगेट नाम से जाना जाता है.
  • इन सात युद्धपोतों में से, तीन का अनुबंध गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) को प्रदान किया गया था, जबकि अन्य चार युद्धपोतों का अनुबंध मझगांव डॉक्स लिमिटेड (MDL) को दिया गया था.
  • GRSE द्वारा बनाए जा रहे तीन स्टील्थ युद्धपोत- हिमगिरि, दूनागिरि और विंध्यगिरि हैं. MDL द्वारा बनाए जा रहे चार स्टील्थ युद्धपोत हैं- नीलगिरि, उदयगिरि, तारागिरि और महेंद्रगिरि.
  • प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरि श्रेणी) के तहत निर्मित युद्धपोत, ‘प्रोजेक्ट 17’ (शिवालिक श्रेणी) के तहत निर्मित किए गए तीन  युद्धपोतों का उन्नत संस्करण है.
  • INS शिवालिक (F47), INS सतपुड़ा (F48), और INS सह्याद्री (F49) शिवालिक श्रेणी के तहत निर्मित किए गए तीन  युद्धपोत हैं जो भारतीय नौसेना के सेवा में हैं.
  • ‘हिमगिरि’ युद्धपोत, नौसेना के प्रोजेक्ट 17A के अंतर्गत GRSE द्वारा बनाए जा रहे तीन स्टील्थ युद्धपोतों में से पहला है.
  • नीलगिरि और उदयगिरि युद्धपोत पहले ही MDL द्वारा भारतीय नौसेना को सौंपा जा चुका है.
  • प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित सभी युद्धपोतों का डिज़ाइन और निर्माण देश में ही किया जा रहा है और इनमें 75% अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा.

स्टील्थ युद्धपोत क्या होता है?

  • स्टील्थ युद्धपोत अपनी निर्माण प्रक्रिया में स्टील्थ प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं, जिससे जहाज को विभिन्न पहचान तकनीकों, जैसे रडार, इन्फ्रारेड, सोनार और अन्य विधियों द्वारा पता लगाना कठिन होता है.

उदयगिरि और हिमगिरि: मुख्य विशेषताएं

  • दोनों युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि करीब 6,700 टन के हैं और पूर्ववर्ती शिवालिक-क्लास युद्धपोतों से आकार में करीब 5% बड़े हैं.
  • इन स्टील्थ युद्धपोतों को बहुत सारे हथियारों से लैस किया जा सकता है. मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी इनसे आसानी से दागे जा सकते हैं.
  • इनकी डिजाइन ऐसी है कि रडार की पकड़ से बच जाते हैं. इन जहाजों के पास एंटी-सबमरीन हथियार भी हैं. ये ब्रह्मोस मिसाइल, टॉरपीडो और रॉकेटों आदि से भी लैस हैं.
  • यह युद्धपोत डीजल इंजनों और गैस टर्बाइनों के संयोजन से संचालित होता है. इसकी अधिकतम गति 30 नॉटिकल माइल्स है.
  • 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी हिमगिरि, GRSE के 65 वर्षों के इतिहास में अब तक निर्मित सबसे बड़ा और सबसे उन्नत गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है.

MDL और GRSE: एक दृष्टि

  • GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स), कोलकाता में स्थित एक प्रमुख भारतीय जहाज निर्माण कंपनी है. यह रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है. यह भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के लिए युद्धपोतों और अन्य जहाजों का निर्माण करती है.
  • MDL (माझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड) मुंबई में स्थित भारत का एक प्रमुख शिपयार्ड है. यह भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अपतटीय प्लेटफार्मों का निर्माण करता है. 1774 में स्थापित, यह भारत का सबसे बड़ा शिपयार्ड है.

संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र

प्रधानमंत्री जापान और चीन की यात्रा पर रवाना होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिए जापान और चीन की यात्रा पर 28 अगस्त को रवाना होंगे. श्री मोदी 29 और 30 अगस्त को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान में रहेंगे. इसके बाद, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर 31 अगस्‍त और 1 सितम्‍बर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक के लिए चीन के तियानजिन जाएंगे.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक बर्खास्‍त

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को बर्खास्‍त कर दिया है. ट्रम्प ने ऋण धोखाधड़ी के आरोपों को उनकी बर्खास्तगी का प्राथमिक कारण बताया है. कुक हाल ही में ऋण धोखाधड़ी के आरोपों पर ट्रम्प प्रशासन की जांच के दायरे में आई थीं.

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को ज़मानत

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सरकारी धन के दुरुपयोग के एक मामले में ज़मानत दे दी. उन्हें 22 अगस्त को सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था. श्री विक्रम सिंघे श्रीलंका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता रैंकिंग में भारत 41वें स्थान पर

इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) की नवीनतम विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता रैंकिंग (WCR) में भारत 69 देशों में 41वें स्थान पर है. 2024 में भारत 39वें स्थान पर था. इस रैंकिंग में  स्विट्जरलैंड पहले, सिंगापुर दूसरे और हांगकांग तीसरे स्थान पर है. यह रैंकिंग आर्थिक प्रदर्शन, सरकारी दक्षता, व्यावसायिक दक्षता और बुनियादी ढाँचा मानदंडों पर दिया जाता है.