डेली कर्रेंट अफेयर्स
12 अगस्त 2025
तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ‘मेरिट’ योजना को मंजूरी
केंद्र सरकार ने तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता व शोध को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरिट’ (MERITE) योजना को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 अगस्त को हुई बैठक में यह मंजूरी दी गई.
क्या है मेरिट (MERITE) योजना?
- मेरिट (MERITE) का पूरा नाम मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इन टेक्निकल एजुकेशन है.
- यह योजना देशभर के 275 तकनीकी संस्थानों (175 इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 पॉलिटेक्निक कॉलेज) में लागू होगी.
- योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, समानता और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है.
- इस योजना की अवधि 2025-26 से 2029-30 तक होगी. योजना की कुल लागत ₹4,200 करोड़ होगी जिसमें ₹2,100 करोड़ का ऋण विश्व बैंक से और शेष राशि केंद्र सरकार से मिलेगा.
लाभार्थी संस्थान
- इस योजना के अंतर्गत चुने गए सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थान — जैसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NITs), राज्य इंजीनियरिंग संस्थान, पॉलिटेक्निक और संबद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय (ATUs) — को सहायता दी जाएगी.
- मेरिट योजना से कुल मिलाकर 7.5 लाख छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा.
मेरिट योजना के मुख्य उद्देश्य
- शिक्षा का डिजिटलीकरण करना
- बहु-विषयक (multidisciplinary) कार्यक्रमों के दिशा-निर्देश तैयार करना
- विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता और रोज़गार योग्यता को बढ़ावा देना
- अनुसंधान और नवाचार के लिए सशक्त वातावरण बनाना
- श्रम बाजार के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना
- शैक्षणिक नेतृत्व, विशेषकर महिलाओं, को प्रोत्साहन देना
योजना का कार्यान्वयन
- योजना को AICTE और NBA जैसे विनियामक निकायों के माध्यम से लागू किया जाएगा. IITs, IIMs जैसे प्रमुख संस्थान इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
इस्राइल के सैन्य अभियानों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस्राइल के सैन्य अभियानों का विस्तार करने की योजना को लेकर 10 अगस्त को एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी.
- इससे पहले 8 अगस्त को इस्राइल की सुरक्षा कैबिनेट ने प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की गाज़ा शहर को कब्जे में लेने की योजना को मंजूरी दी थी. इस्राइल के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कडी आलोचना हुई है.
- कई यूरोपीय सदस्यों के निवेदन पर आयोजित सुरक्षा परिषद के बैठक में गाजा में बदतर होते मानवीय संकट और वहां के बीस लाख निवासियों की मुश्किलों तथा शेष बंधकों पर ध्यान केन्द्रित किया गया.
स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि भारतीय नौसेना के बेड़े में जल्द शामिल होगा
- अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत ‘उदयगिरि’ और ‘हिमगिरि’ को 26 अगस्त को भारतीय नौसेना के बेड़े में जल्द शामिल किया जाएगा. इन दोनों युद्धपोतों को विशाखापत्तनम में जलावतरण किया जाएगा. उदयगिरि और हिमगिरि दोनों युद्धपोतों को भारत सरकार के ‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत विकसित किया गया है.
- ‘उदयगिरि’ को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने, वहीं ‘हिमगिरि’ को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने बनाया है. ऐसा पहली बार होगा, जब दो युद्धपोतों का एकसाथ एक ही जगह पर जलावतरण किया जाएगा.
प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरि श्रेणी)
- सरकार ने वर्ष 2015 में ‘प्रोजेक्ट 17A‘ को मंज़ूरी दी थी. इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 50,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के सात स्टील्थ युद्धपोतों का निर्माण किया जाना है. इन युद्धपोतों को नीलगिरि श्रेणी के फ्रिगेट नाम से जाना जाता है.
- इन सात युद्धपोतों में से, तीन का अनुबंध गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) को प्रदान किया गया था, जबकि अन्य चार युद्धपोतों का अनुबंध मझगांव डॉक्स लिमिटेड (MDL) को दिया गया था.
- GRSE द्वारा बनाए जा रहे तीन स्टील्थ युद्धपोत- हिमगिरि, दूनागिरि और विंध्यगिरि हैं. MDL द्वारा बनाए जा रहे चार स्टील्थ युद्धपोत हैं- नीलगिरि, उदयगिरि, तारागिरि और महेंद्रगिरि.
- प्रोजेक्ट 17A (नीलगिरि श्रेणी) के तहत निर्मित युद्धपोत, ‘प्रोजेक्ट 17’ (शिवालिक श्रेणी) के तहत निर्मित किए गए तीन युद्धपोतों का उन्नत संस्करण है.
- INS शिवालिक (F47), INS सतपुड़ा (F48), और INS सह्याद्री (F49) शिवालिक श्रेणी के तहत निर्मित किए गए तीन युद्धपोत हैं जो भारतीय नौसेना के सेवा में हैं.
- ‘हिमगिरि’ युद्धपोत, नौसेना के प्रोजेक्ट 17A के अंतर्गत GRSE द्वारा बनाए जा रहे तीन स्टील्थ युद्धपोतों में से पहला है.
- नीलगिरि और उदयगिरि युद्धपोत पहले ही MDL द्वारा भारतीय नौसेना को सौंपा जा चुका है.
- प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित सभी युद्धपोतों का डिज़ाइन और निर्माण देश में ही किया जा रहा है और इनमें 75% अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा.
स्टील्थ युद्धपोत क्या होता है?
- स्टील्थ युद्धपोत अपनी निर्माण प्रक्रिया में स्टील्थ प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं, जिससे जहाज को विभिन्न पहचान तकनीकों, जैसे रडार, इन्फ्रारेड, सोनार और अन्य विधियों द्वारा पता लगाना कठिन होता है.
उदयगिरि और हिमगिरि: मुख्य विशेषताएं
- दोनों युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि करीब 6,700 टन के हैं और पूर्ववर्ती शिवालिक-क्लास युद्धपोतों से आकार में करीब 5% बड़े हैं.
- इन स्टील्थ युद्धपोतों को बहुत सारे हथियारों से लैस किया जा सकता है. मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी इनसे आसानी से दागे जा सकते हैं.
- इनकी डिजाइन ऐसी है कि रडार की पकड़ से बच जाते हैं. इन जहाजों के पास एंटी-सबमरीन हथियार भी हैं. ये ब्रह्मोस मिसाइल, टॉरपीडो और रॉकेटों आदि से भी लैस हैं.
- यह युद्धपोत डीजल इंजनों और गैस टर्बाइनों के संयोजन से संचालित होता है. इसकी अधिकतम गति 30 नॉटिकल माइल्स है.
- 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी हिमगिरि, GRSE के 65 वर्षों के इतिहास में अब तक निर्मित सबसे बड़ा और सबसे उन्नत गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है.
MDL और GRSE: एक दृष्टि
- GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स), कोलकाता में स्थित एक प्रमुख भारतीय जहाज निर्माण कंपनी है. यह रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है. यह भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के लिए युद्धपोतों और अन्य जहाजों का निर्माण करती है.
- MDL (माझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड) मुंबई में स्थित भारत का एक प्रमुख शिपयार्ड है. यह भारतीय नौसेना के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अपतटीय प्लेटफार्मों का निर्माण करता है. 1774 में स्थापित, यह भारत का सबसे बड़ा शिपयार्ड है.
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में कई मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त को बेंगलुरु में लगभग 22.8 हजार करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
- उन्होंने बेंगलुरु और बेलगावी के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई. अमृतसर तथा कटरा के बीच और नागपुर से पुणे के बीच वंदे भारत सेवाओं को भी देश को समर्पित किया.
- बेंगलुरु में नम्मा मेट्रो के तीसरे चरण के उद्घाटन किया.
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिन्दु
- भारत को 2047 तक विकसित बनाने के अपनी सरकार के लक्ष्य पर ज़ोर दिया है.
- अब भारतीय अर्थव्यवस्था पांचवीं सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से आगे बढने वाली अर्थव्यवस्था है.
- मेट्रो रेल पाँच शहरों से बढ़कर 24 शहरों तक पहुँच गई है और मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.
- 2014 से पहले भारत का टोटल निर्यात 468 बिलियन डॉलर तक पहुंचा था. आज ये 824 बिलियन डॉलर हो गया है. भारत मोबाइल हैंडसेट के टॉप फाइव एक्सपोर्टर है.
- प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय अत्याधुनिक तकनीक और रक्षा उत्पादन में मेक इन इंडिया पहल को दिया.
संक्षिप्त सामयिक घटनाचक्र
अन्नु रानी ने विश्व एथलेटिक्स कॉंटिनेंटल टूर में स्वर्ण पदक जीता
भारत की भाला फेंक खिलाड़ी अन्नु रानी ने भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स कॉंटिनेंटल टूर में स्वर्ण पदक जीता. अन्नु रानी ने अपने चौथे प्रयास में 62.01 मीटर तक भाला फेंका. इस जीत के साथ ही अन्नु रानी तोक्यो में सितंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने के करीब पहुंच गई हैं.
खेलों इंडिया अश्मिता फुटबॉल लीग
खेलों इंडिया अश्मिता फुटबॉल लीग 10-11 अगस्त को महाराष्ट्र के जलगांव में खेला जा रहा है. खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने इस आयोजन का उद्घाटन किया. यह पहल खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल है. इस प्रतियोगिता में 13 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां भाग ले रही हैं.
