नासा ने सूर्य के नजदीक से अध्ययन के लिए ‘पार्कर सोलर प्रोब’ मिशन शुरू किया
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सूर्य के नजदीक से अध्ययन करने के लिए 12 अगस्त को एक यान का प्रक्षेपण किया. इस यान का प्रक्षेपण फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से किया गया. एक छोटी कार के आकार का यह अंतरिक्ष यान कुछ महीनों के बाद सूर्य के करीब पहुंचेगा. नासा ने इस मिशन को ‘पार्कर सोलर प्रोब’ नाम दिया है. नासा का यान सूर्य के निकट जाकर उसके आसपास के वातावरण, स्वभाव और उसकी कार्य-प्रणालियों का अध्ययन करेगा.
कार्य प्रणाली: इस मिशन का कार्यकाल सात वर्ष का है और इस दौरान यह सात बार सूर्य की सतह से करीब 40 लाख मील की दूरी से गुजरेगा. इससे पहले कभी कोई भी अंतरिक्ष यान सूर्य इतने करीब से नहीं गुजरा है, जितने करीब यह यान पहुँचेगा. इस मिशन पर 1.4 अरब का खर्च आया है. अगर यह मिशन सफल रहता है तो हमें दुनिया के अस्तित्व के बारे में पता लगाने में और आसानी हो जाएगी. वर्ष 2024 तक यह यान 6.4 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय कर सूर्य के सात चक्कर लगाएगा.
तकनीकी पहलु: इस यान को र्थमल प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस किया गया है. यह पृथवी के मुकाबले तीन हजार गुना अधिक गर्मी को सहन कर सकता है. इस यान को कुछ इस तरह बनाया गया है कि यह सूर्य की गर्मी को अवशेषित कर ले और उसे विक्षेपित कर देगा. इस यान में एक वाटर कूलिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जो इस यान को सौर ऊर्जा से क्षतिग्रस्त होने से बचाएगा और यान का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखेगा.
पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने वाला 123वां संविधान संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के 123वें संशोधन विधेयक को 12 अगस्त को मंजूरी दे दी. यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से हाल ही में पारित हुआ था.
यह विधेयक पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित है. लोकसभा और राज्यसभा से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया है. अब इस आयोग को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के बराबर अधिकार मिल जायेंगे. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन 1993 में किया गया था.
123वां संविधान संशोधन विधेयक: एक दृष्टि
- सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के लिए ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ होगा. इस आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होंगे. आयोग एक स्वायत्त संस्था के तौर पर काम करेगा.
- आयोग ओबीसी से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगा. ओबीसी तबके में जातियों को जोड़ने या हटाने के लिए राज्य सरकारों से परामर्श लिया जाएगा. ओबीसी के उत्थान को लेकर बनने वाली योजनाओं में आयोग की भागीदारी भी होगी.
बिम्सटेक देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की काठमांडू में बैठक
बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग संगठन (बिम्स्टेक) देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की 11 अगस्त को काठमांडू में एक विशेष बैठक आयोजित की गई. यह बैठक काठमांडू में 30 और 31 अगस्त को आयोजित होने वाले चौथे बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन की तैयारी के सिलसिले में हुई. बैठक में शिखर सम्मेलन के मुख्य थीम ‘शान्तिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र’ पर भी सहमति बनी. बैठक में चौथे शिखर सम्मेलन के काठमांडू घोषणा पत्र के प्रस्तावित मसौदे पर भी चर्चा की गई.
बिम्स्टेक क्या है? बिम्स्टेक एक क्षेत्रीय आर्थिक समूह है जिसमें बंगाल की खाड़ी से लगे और इसके तटीय किनारे वाले सात देश बंगलादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमा और थाइलैंड शामिल हैं. इस संगठन की स्थापना 1997 में हुई थी. बिम्स्टेक की अध्यक्षता अभी नेपाल कर रहा है.
सी-प्लेन के लिए वाटर एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी
केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रलय ने देश में सी-प्लेन के लिए वाटर एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को 11 अगस्त को मंजूरी दी. इसके लिए पहले चरण में तीन जगहों का चयन किया गया है. इनमें ओडिशा की चिल्का झील, गुजरात में सरदार सरोवर बांध और साबरमती नदी शामिल हैं. उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रस्ताव पर शुक्रवार को मुहर लगाई. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की भारत में कम-से-कम 100 सी-प्लेन से सेवा शुरू करने की योजना है. शुरुआती दौर में देश की करीब 111 नदियों का हवाई पट्टी के तौर पर इस्तेमाल होगा.
क्या है सी-प्लेन? सी-प्लेन के तौर पर एम्फीबियन प्लेन का इस्तेमाल किया जाता है. यह पानी और धरती दोनों जगहों से उड़ान भर सकता है और दोनों ही जगह इसे लैंड कराया जा सकता है. यह 300 मीटर लंबे रनवे से ही उड़ान भर सकता है. इस वजह से सी-प्लेन के जरिए नदी और तालाबों से भी उड़ान भरी जा सकती है.
जस्टिस ताहिलरमानी मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
जस्टिस ताहिलरमानी को मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने 12 अगस्त को चेन्नई में न्यायमूर्ति विजया कमलेश ताहिलरमानी को मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई. राज्यपाल ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में नयी मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलाई.
मुकेश कुमार रसिकभाई शाह पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
न्यायमूर्ति मुकेश कुमार रसिकभाई शाह को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 12 अगस्त को राजभवन में उनको मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलायी.
भारत के अजय जयराम वियतनाम ओपन बैडमिंटन के उपविजेता बने
भारत के अजय जयराम वियतनाम ओपन बैडमिंटन के पुरुष एकल में उपविजेता रहे हैं. 11 अगस्त को खेले गये इस प्रतियोगिता के फाइनल में इंडोनेशिया के शेसर हीरेन हुस्तावितो ने जयराम को 21-14, 21-10 से पराजित कर विजेता बने.
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का निधन
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष्ा सोमनाथ चटर्जी का 13 अगस्त को निधन हो गया. वे 89 साल के थे. चटर्जी 2004 से 2009 तक लोकसभा अध्यक्ष रहे थे. सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को असम के तेजपुर में हुआ था. अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत सोमनाथ चटर्जी ने सीपीएम के साथ 1968 में की और वह 2008 तक इस पार्टी से जुड़े रहे. 1971 में वह पहली बार सांसद चुने गए. वह 10 बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे.
देश-दुनिया: एक दृष्टि
सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज
भारत-इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट सीरीज: इंग्लैंड ने भारत को दुसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में पारी और 159 रन से पराजित कर दिया. यह मैच इंग्लैण्ड के ल़ॉर्डस में खेला गया था. पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में इंग्लैड 2-0 से आगे है.
अगले तीन वर्षों में पचास उपग्रह छोड़ेगा इसरो: भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) देश में अंतरिक्ष अनुप्रयोगों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अगले तीन वर्षों में पचास उपग्रह छोड़ेगा. इसरो फरवरी 2019 से हर महीने दो उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे, जो अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक रिकार्ड होगा.
श्रीलंका में भारत के सहयोग से बने भवन का आवंटन: श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों को आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय आवास परियोजना के तहत 400 भवनों का आवंटन किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए लाभार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने 10 हज़ार अतिरिक्त मकान बनाने के लिए भी स्वीकृति दी. भारत के सहयोग से बने ये भवन लाभार्थियों के लिए एक बड़ी पहल है.
इसरो शुरू करेगा टीवी चैनल: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) लोगों में वैज्ञानिक मनोवृति को बढ़ावा देने के लिए एक टीवी चैनल शुरू करने और स्कूली छात्रों के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू करने पर विचार कर रहा है. इसरो लोगों में वैज्ञानिक मनोवृति को बढ़ावा देने के लिए स्कूली छात्रों के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू करने पर विचार कर रहा है.

