मुख्य युद्ध टैंक इंजन का स्वदेशी निर्माण

स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भारत ने अहम कामयाबी हासिल की है. इसी क्रम में चेन्नई की अवाडी इंजन फैक्टरी ने मुख्य युद्धक टैंक टी-72 और टी-90 का इंजन बनाया है. स्वदेश निर्मित इंजन को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जुलाई को भारतीय सेना को सौंपा. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी जताई. देश की अवाडी इंजन फैक्ट्री ने टी-72 अजेय टैंक के लिए ‘वी-46-6’ इंजन और टी-90 भीष्म टैंक के लिए ‘वी-92-एस-2’ इंजन को विकसित किया है. इन दोनों इंजनों को पूर्ण रूप से स्वदेश में ही विकसित किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के समक्ष धन का संकट

संयुक्त राष्ट्र को नकदी की कमी के संकट से जूझना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एन्टोनियो गुतेरस ने संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से अपना-अपना अंशदान समय पर और पूर्ण रूप में जमा करने का अनुरोध किया है. महासचिव ने कहा है वर्ष के प्रारंभ में ही नकदी की इतनी कमी का सामना संगठन को पहले कभी नहीं करना पड़ा. श्री गुतेरस ने वर्तमान स्थिति में विश्व संगठन के लक्ष्य हासिल करने की दिशा में धन की कमी से उत्पन्न संकट और संगठन की प्रतिष्ठा के प्रति जोखिम को उजागर किया. 26 जुलाई तक भारत सहित 112 देशों ने नियमित बजट में अपनी पूरी देय हिस्सेदारी चुकता कर दी है. कुल 81 ऐसे राष्ट्र अभी बाकी है, जिन्होंने नियमित बजट देय का भुगतान नहीं किया है. इन देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, ब्राजील, मिस्र, इस्राइल, मालदीव, पाकिस्तान, सऊदी अरब, सेशल्स, सूडान, सीरिया, संयुक्त राज्य अमरीका और जिम्बाब्वे शामिल हैं.

उल्लेखनीय है कि अमरीका संयुक्त राष्ट्र संघ को धन देने वाले देशों में सबसे अधिक योगदान करता है. संगठन के 5.4 अरब डॉलर के बजट में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी अमरीका की है. शांति स्थापना संबंधी 7.9 अरब डॉलर के बजट में भी अमरीका का योगदान 28.5 प्रतिशत है.

‘द रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट’ अमरीकी कांग्रेस की एक समिति में पारित

तिब्बत के क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही के प्रावधान वाला विधेयक ‘द रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट’ 27 जुलाई को अमरीकी कांग्रेस की एक समिति में पारित किया. अमरीकी अधिकारियों, पत्रकारों और आम नागरिकों की तिब्बत के क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही के लिए यह विधेयक लाया गया है. इसके तहत तिब्बत में घुसने का प्रयास करने वाले अमेरिकियों के साथ भेद-भावपूर्ण व्यवहार के लिए जिम्मेदार चीनी अधिकारियों के अमेरिका प्रवेश पर रोक रहेगी. चीन की सरकार लगातार अमेरिकियों को तिब्बत में प्रवेश करने से रोकती रही है. विधेयक में प्रस्ताव है कि अमेरिकियों को तिब्बत में उसी तरह प्रवेश मिलना चाहिए जिस तरह चीनी नागरिकों को अमेरिका में मिलता है.


अमेरिका ने आतंकवादी समूह तालिबान के साथ सीधी वार्ता की

अमेरिका ने पहली बार आतंकवादी समूह तालिबान के साथ सीधी वार्ता शुरू की है. पहली बार किसी अमेरिकी अधिकारी ने तालिबान के साथ सीधे बात की है. इस वार्ता बैठक का आयोजन कतर के एक शहर में किया गया था. कतर मे तालिबान का एक राजनीतिक दफ्तर है. इस वार्ता में अफगानिस्तान को लेकर आने वाले समय में शांति वार्ता को लेकर चर्चा हुई. देश में लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में किया जा रहे प्रयासों के बीच इसे एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है.


गन्‍ने के रस से सीधे ऐथेनॉल बनाने की अनुमति

केन्‍द्र सरकार ने चीनी मिल मालिकों को गन्‍ने के रस अथवा शीरा से सीधे एथनॉल बनाने की अनुमति देने का निर्णय किया है. केन्‍द्रीय खाद्य मंत्रालय ने 1966 के गन्‍ना नियंत्रण आदेश में संशोधन करके इसे अधिसूचित कर दिया है. सरकार के इस कदम से मिलों में अतिरिक्‍त समय में गन्‍ने के रस से एथनॉल बनाने में मदद मिलेगी. अब तक मिलों को गन्‍ने के रस से चीनी निकालने के बाद बची खांड से ही एथॅनाल बनाने की अनुमति थी.


असम में सरकारी कर्मचारियों के माता-पिता की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रणाम’ योजना

असम सरकार ने देश में पहली बार एक अनूठी योजना ‘प्रणाम’ शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके अन्‍तर्गत ऐसे सरकारी कर्मचारियों के मासिक वेतन से 10 से 15 प्रतिशत की राशि काट ली जायेगी जो अपने माता-पिता या दिव्‍यांग भाई-बहन की ठीक से देखभाल नहीं करते हैं. इस योजना को इस वर्ष 2 अक्‍टूबर से लागू कर दिया जाएगा. प्रणाम योजना का उद्देश्‍य कर्मचारियों द्वारा अपने आश्रित माता-पिता और दिव्‍यांग भाई-बहनों की देखभाल को सुनिश्चित करना है. यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके कुल वेतन का 10 प्रतिशत माता-पिता के खाते में जमा करा दिया जायेगा और अगर माता पिता के साथ उनके दिव्‍यांग बच्‍चे भी हैं तो यह राशि 15 प्रतिशत हो जायेगी. प्रणाम योजना के तहत दावों और शिकायतों के निपटारे का काम एक अपीलीय प्राधिकारी करेगा.


उत्तर प्रदेश में कई परियोजनाओं की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 28 जुलाई को कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी. उन्होंने अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्मार्ट सिटी मिशन परियोजनाओं के तीन साल पूरे होने के मौके पर इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी. इस मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के 60,426 लाभार्थियों के खाते में सीधे 606.85 करोड़ रुपए हस्तांरित किए.


क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी तहत उत्कृष्ट काम करने वाले संस्थानों को पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना के तहत उत्कृष्ट काम करने वाले वित्तीय संस्थानों को पुरस्कृत किया. इन वित्तीय संस्थाओं ने निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लोगों को सराहनीय मदद प्रदान की. इसी प्रकार शहरी बदलाव के लिए सुधारात्मक कदमों को उठाने वाले पुणे, इंदौर और हैदराबाद को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार प्रदान किया. गौरतलब है कि इन शहरों ने अपने यहां नगर निकाय बांड को जारी किया जिससे शहरी परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में धन इकट्ठा हो सका. पुणे को बेहतर शहरी शासन और अहमदाबाद, भोपाल को प्रगतिशील काम करने के लिए पुरस्कार से नवाजा गया वहीं सूरत को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए पुरस्कार मिला.

देश-दुनिया: एक दृष्टि

सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज

नेपाल-भारत थिंक टैंक शिखर सम्मेलन: पहला ‘नेपाल-भारत थिंक टैंक’ शिखर सम्मेलन काठमांडो में 31 जुलाई को शुरू होगा. इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच वृहद सहयोग कायम करना और जानकारी साझा करना है. पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इसका आयोजन एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिप्लोमैसी एंड इंटरनेशनल अफेयर्स (एआईडीए) तथा नेहरू मेमोरियल म्यूजियम लाइब्रेरी कर रहे हैं.

नेपाल ने मानवीय सहायता के लिए भारत का आभार: नेपाल ने भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यो में मानवीय सहायता देने के लिए भारत का आभार व्‍यक्‍त किया है. 2015 में भूकम्‍प के बाद बचाव और राहत कार्यों के लिए भारत की ओर से दी गयी तत्‍काल सहायता को याद किया. भारत ने पहली किस्‍त में भूकम्‍प पीडि़तों को मकान बनाने के लिए दो अरब एक करोड़ नेपाली रुपये की सहायता दी है.

हौती विद्रोहियों ने लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात रोका: शीर्ष तेल निर्यातक देश सऊदी अरब ने कहा कि उसके दो बड़े तेल टैंकरों पर ईरान समर्थित यमन के हौती विद्रोहियों के हमले के बाद बाब अल मंडेब के लाल सागर पोत मार्ग से जाने वाले अपने सभी पोत-परिवहनों पर वह अस्थायी रूप से रोक लगा रहा है. इस कारण सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात स्थगित कर दिया है.